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जेल में बनी बैंक लूट की साजिश, जमानत पर छूटते ही SBI में करोड़ों की डकैती, बर्खास्त पुलिसकर्मी बने मास्टरमाइंड

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Nov 01, 2026 05:43 pm IST,  Updated : Nov 01, 2026 05:49 pm IST

जेल में डकैती की साजिश रची गई। 16 लॉकर तोड़कर सोना और कैश लूट लिया गया। बैंक में मैनेजर-कैशियर को पिस्तौल का डर दिखाकर 16 लॉकर खोले गए। SBI बैंक में 40 से 45 मिनट तक अफरा-तफरी मची रही।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भोकर शाखा में हुई डकैती के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, इस पूरी वारदात की साजिश जेल में रची गई थी। जेल में हुई जान-पहचान और आपराधिक गठजोड़ के बाद आरोपियों ने बैंक लूटने की योजना बनाई और जमानत पर बाहर आते ही वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर शंकर जसक है। उसके साथ गजानन राजेंद्र पवार समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

3 करोड़ 17 लाख रुपये लूटने का आरोप

पुलिस जांच में सामने आया है कि शंकर जसक पर साल 2023 में जलगांव शहर के शनिपेठ पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित एक स्टेट बैंक से 3 करोड़ 17 लाख रुपये लूटने का आरोप था। इस मामले में वह जेल में बंद था। जेल में उसकी मुलाकात गजानन राजेंद्र पवार से हुई। गजानन पवार साल 2024 में चालीसगांव इलाके में अपनी गर्लफ्रेंड के पति की हत्या के मामले में जेल में बंद था। जेल में दोनों के बीच जान-पहचान हुई और कुछ महीने पहले जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों ने कथित तौर पर भोकर में बैंक लूटने की साजिश रची।

बैंक मैनेजर और कैशियर को पिस्तौल दिखाकर धमकाया

जांच के मुताबिक, इस वारदात में चार मुख्य आरोपियों के साथ दो अन्य लोगों को भी शामिल किया गया था। योजना के तहत आरोपी भोकर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पहुंचे। वहां उन्होंने बैंक मैनेजर और कैशियर को पिस्तौल दिखाकर धमकाया और उनके सिर पर बंदूक रखकर करीब 16 लॉकर खुलवा लिए। इसके बाद लॉकर में रखे सोने और नकदी को पांच से छह बैग में भरकर आरोपी फरार हो गए।

बैंक में मची अफरा-तफरी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी करीब 40 से 45 मिनट तक बैंक के अंदर रहे। इस दौरान बैंक कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना रहा। वारदात के बाद आरोपी धरणगांव की तरफ भागने लगे। उधर, गांव के लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया।

शंकर जसक और गजानन पवार गिरफ्तार

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपियों ने भागते समय चावलखेड़ा के पास सड़क किनारे चार बैग फेंक दिए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस इंस्पेक्टर उमाकांत गायकवाड़ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से आरोपियों के भागने की दिशा की जानकारी लेकर पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। आखिरकार पुलिस ने चावलखेड़ा इलाके के एक खेत में छिपे शंकर जसक और गजानन पवार को गिरफ्तार कर लिया।

15 लाख रुपये नकद और सोने से भरे बैग बरामद 

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। आरोपियों के पास से करीब 15 लाख रुपये नकद और सोने से भरे बैग बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बैंक से कुल कितनी नकदी और कितना सोना लूटा गया था। गिरफ्तार आरोपियों के अलावा बाकी लोगों की भूमिका क्या थी और क्या इस साजिश में कुछ अन्य लोग भी शामिल थे, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। 

नरेंद्र कदम की रिपोर्ट

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